प्राणायाम (Yoga) किस तरह करें की आपको उसका पूरा लाभ मिले आइए जानते हैं

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आइए जानते हैं प्राणायाम किस तरह करें कि आपको उसका पूरा लाभ मिलेगा। Best way to doing yoga to get it out maximum benefits.

प्राणायाम (Yoga) से फेफड़ों की सफाई होती है ज्यादातर लोग गहरी सांस नहीं लेते हैं इससे उनके फेफड़े नहीं खुलते हैं फेफड़े करीब साढे-सात करोड़ कोशिकाओं से बने होते हैं, सामान्य रूप से सांस लेने पर मात्र दो करोड़ छिद्रों तक ही ऑक्सीजन पहुंचती है जबकि 5:30 करोड़ छिद्र बेकार होने लगते हैं इसे एलर्जी और फेफड़ों की बीमारियां होती हैं।

प्राणायाम (Yoga) किस तरह करें की आपको उसका पूरा लाभ मिले आइए जानते हैं
Yoga Posture

अगर आप प्राणायाम करते हैं तो इन्हें कितने समय और कितने चरणों में करना चाहिए चलिए आइए जानते हैं।

तीन चरण में करें प्राणायाम

एलर्जी और फेफड़ों की बीमारी से बचने के लिए 3 चरणों में प्राणायाम करें सबसे पहले कपालभाति फिर नाड़ी शोधन और इसके बाद भस्त्रिका प्राणायाम ऐसी का प्राणायाम करें।

कपालभाति फेफड़ों की सफाई के साथ पेट, पाचन भी ठीक रखता है पेट पर जमे फैट को कम करता है। नाड़ी शोधन प्राणायाम शक्ति के संचार का काम करता है खून को शरीर के सभी अंगों तक पहुंचाने वाली नाड़ी का शोधन करता है आलस, थकान और उदासी आदि दूर होगी और आप ऊर्जावान महसूस करेंगे।

भस्त्रिका प्राणायाम खून की सफाई कर शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाता है इससे खून से एसिड की मात्रा कम होती है असल में यह एसिड शरीर की इम्युनिटी को कम करता है।

प्राणायाम कितनी देर तक करना चाहिए?

कुछ लोग एक प्राणायाम को दो-तीन मिनट करने के बाद दूसरा शुरू कर देते हैं, यह सही नहीं है इससे लाभ नहीं मिलता को भी प्राणायाम कम से कम 10:15 मिनट तक करें अगर आप प्राणायाम की शुरुआत कर रहे हैं तो शुरू में तीन-चार मिनट तक करें धीरे-धीरे समय को 10 -15 मिनट तक ले जाएं।

सांस उखड़े तो प्राणायाम ना करें प्राणायाम का समय सुबह 6:00 बजे से पहले का है। पदशासन, सिद्दासाशन अथवा सुखासन में बैठकर ही करें और प्राणायाम के बाद एक दो गहरे लंबी सांस भरकर धीरे-धीरे छोड़ें और सांस को विश्राम दे।

सांस को उखड़े तो प्रणायाम न करें बीमारी है तो विशेषज्ञ की सलाह से ही योग करें, ह्रदय रोग, पेट की सर्जरी और गर्भवती महिला प्राणायाम ना करें, पीरियड्स में कपालभाति में प्राणायाम ना करें।