Gathiya Rog Ke Gharelu Upchar in Hindi

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

गठिया के रोगों के प्राकृतिक एवं घरेलू उपचार

गठिया के रोगों के प्राकृतिक एवं घरेलू उपचार। Home Remedies for Gathiya (Arthritis)

Gathiya रोग में जोड़ों में असहनीय दर्द, भोजन अच्छा नहीं लगना, प्यास ज्यादा लगना, शरीर में भारीपन बुखार की शिकायत, पाचन क्रिया में गड़बड़ी, सुन्न हो जाना, जोड़ों में दर्द, तथा सूजन आना सुबह तथा शाम को दर्द बढ़ना लक्षण दिखाई देते हैं। यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है।

आइए जानते हैं गठिया के प्राकृतिक और घरेलू उपचार।

  • सबसे पहले सुबह के समय एक चम्मच लहसुन का रस और एक चम्मच शहद क्या देसी घी मिलाकर 40 दिन तक सेवन करें यह घटिया रोग की अचूक दवा है।
  • अमरूद की 5 नई पत्तियों को पीसकर उसमें कला नमक डालकर रोजाना सेवन करें इससे आपके गठिया के रोग में आपको आराम मिलेगा।
  • आम की गुठलियों के 100 ग्राम कुचलकर ढाई सौ ग्राम सरसो के तेल में अच्छी तरह पकाएं
    फिर इस तेल को छानकर शीशी में भर लें इस तेल की सुबह शाम पूरे शरीर मालिश करें।
  • असली हींग को पीसकर घी में मिला लें इससे जोड़ों की मालिश करे, आप के दर्द में आपको आराम मिलेगा।
  • पीपल के पेड़ की 10 ग्राम छाल का काढ़ा बना लें फिर उसमें शहद डालकर सेवन करें।
  • गठिया की बीमारी में अखरोट का तेल जोड़ों पर मले तथा इसका नित्य सेवन करें।
  • जावित्री दो ग्राम तथा सोंठ आधा चमच दोनों को तथा छोटा चम्मच गर्म पानी में ले।
  • बिनोल का तेल कल का तेल गठिया वाले स्थानों के जोड़ों पर मलने से काफी लाभ होता है।
  • जोड़ों में दर्द होने पर सहजन की सब्जी का सेवन करें।
  • तुलसी के पत्तों का रस आधा चम्मच, काली मिर्च के 4 दाने, दो चुटकी काला नमक तथा दो चम्मच शहद सब को मिलाकर 40 दिन तक इसका सेवन करें।
  • लहसुन के चार कलियों को दूध में उबालकर पीएं इससे आपका गठिया का रोग दूर हो जाएगा।

आइए जानते हैं गठिया (Arthritis) के कुछ आयुर्वेदिक उपचार

फिटकरी 5 ग्राम, मीठी सुरंजान 15 ग्राम, बबूल का गोंद 5 ग्राम, काली मिर्च 10, सब को सुखाकर भूनकर एक साथ पीसकर चूर्ण बना लें, में से दो चुटकी चूरन दिन में दो बार ले।

वात तथा कफ वाली गठिया के लिए सोंठ 25 ग्राम, काली मिर्च 25 ग्राम, पीपल १५ ग्राम, लहसुन 10 ग्राम, सफ़ेद जीरा 20 ग्राम, इन सबको पीसकर इसका चूरन बना ले रोजाना दो चुटकी चूरन सुबह शाम सेहद के साथ सेवन करे।